बसपा सुप्रीमो बहन मायावती जी का बयान “घूसखोर पंडत” को लेकर?
यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों में निन्दा करती है। ऐसी इस जातिसूचक फिल्म (वेब सीरीज) ’घूसखोर पंडत’ पर केन्द्र सरकार को तुरन्त प्रतिबन्ध लगाना चाहिये, बी.एस.पी. की यह माँग। साथ ही, इसको लेकर लखनऊ पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करना उचित कदम।
यह बड़े दुख व चिन्ता की बात है कि पिछले कुछ समय से अकेले यू.पी. में ही नहीं बल्कि अब तो फिल्मों में भी ’पंडत’ को घूसखोर आदि बताकर पूरे देश में जो इनका अपमान व अनादर किया जा रहा है तथा जिससे समूचे ब्राह्मण समाज में इस समय ज़बरदस्त रोष व्याप्त है, इसकी हमारी पार्टी भी कड़े शब्दों…
— Mayawati (@Mayawati) February 6, 2026
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को अक्सर दलित राजनीति की मसीहा के रूप में देखा जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में उनकी राजनीति केवल दलित समाज तक सीमित नहीं रही है। समय-समय पर उन्होंने ब्राह्मण समाज के पक्ष में भी उस समय खुलकर बयान दिए जब बीजेपी की सरकार में भी उनको बैठके करनी पड़ रही है, और उन्हें अपने राजनीतिक एजेंडे का अहम हिस्सा बताया। मायावती का मानना रहा है कि यदि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चला जाए, तभी सामाजिक न्याय और स्थायी विकास संभव है।
“सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की राजनीति?
बहुजन समाज पार्टी का नारा “बहुजन हिताय बहुजन सुखाय” हुआ करता था लेकिन अब बसपा प्रमुख मायावती जी ने इसको बदल कर “सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय” कर दिया है जिसका मतलब सभी वर्ग के लोगो के लिए बसपा काम करती है जहां किसी भी वर्ग के लोगो के साथ कोई भेद भाव नहीं किया जाता है सभी वर्ग के लोगो को पूरी पूरी हिस्सेदारी दी जाती है. उनका कहना है कि “ब्राह्मण समाज को भी सम्मान और सुरक्षा देना उतना ही ज़रूरी है जितना किसी भी अन्य समाज को।”
2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मायावती की सरकार बनी और राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया। इस दौरान उन्होंने ब्राह्मण-दलित भाईचारे का नारा दिया। कई जनसभाओं में उन्होंने कहा कि “ब्राह्मण और दलित समाज को लड़ाकर नहीं, बल्कि जोड़कर ही उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाया जा सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में दोनों समाजों के बीच टकराव कृत्रिम रूप से पैदा किए गए, जबकि ज़मीनी स्तर पर आम लोगों की समस्याएँ एक जैसी हैं.
मायावती की ब्राह्मणों के पक्ष में टिप्पणियों का मूल भाव यह रहा है कि समाज को जातियों में बाँटकर नहीं, बल्कि समान अवसर देकर मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कई मंचों से यह अपील की कि ब्राह्मण समाज भी दलित-पिछड़ों के साथ खड़ा होकर सामाजिक संतुलन बनाए।
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RAJPATH Dastak
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PANKAJ BABRA (Legal Name: PANKAJ KUMAR) is the Founder and Chief Editor of "RAJPATH Dastak" Foundation. He is an independent Digital News, Media Website and content writer focusing on social justice, constitutional values, public policy, and ground-level issues in India. Through "RAJPATH Dastak", he aims to amplify marginalized voices and present fact-based, people-centric content writing and journalism.