Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला: Open Category कोई कोटा नहीं, SC-ST-OBC-EWS अभ्यर्थी भी मेरिट पर पा सकते हैं जनरल सीट
“Open Category कोई कोटा नहीं है। यदि SC, ST, OBC या EWS वर्ग का कोई अभ्यर्थी सामान्य (General) कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है, तो उसे Open Category की सीट पर चयन से वंचित नहीं किया जा सकता।”
यह फैसला न केवल लाखों प्रतियोगी छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में निहित समानता और समान अवसर की भावना को भी मजबूत करता है।
Open Category क्या है? (What is Open Category?)
Open Category क्या है? (What is Open Category?)
भारत में अक्सर “जनरल कैटेगरी” शब्द का प्रयोग किया जाता है, लेकिन संवैधानिक रूप से सही शब्द है Open Category या Unreserved (UR)।
Open Category की मूल अवधारणा
Open Category किसी विशेष जाति, वर्ग या समुदाय के लिए आरक्षित नहीं होतीयह पूरी तरह मेरिट आधारित होती हैइसमें सभी वर्गों (SC, ST, OBC, EWS सहित) के अभ्यर्थी प्रतिस्पर्धा कर सकते हैंसरल शब्दों में कहें तो Open Category का अर्थ है –👉 जो भी सबसे योग्य है, वही चयनित होगा, चाहे वह किसी भी सामाजिक वर्ग से हो।
Supreme Court ने क्या कहा? (What did the Supreme Court say?)
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि:Open Category को किसी भी हालत में “जनरल कोटा” नहीं माना जा सकतायदि कोई आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी बिना किसी छूट (जैसे आयु छूट, प्रयास छूट आदि) के सामान्य कट-ऑफ पार करता है, तो उसे Open Category की सीट पर चयनित माना जाएगाकेवल इस आधार पर कि उम्मीदवार SC/ST/OBC/EWS से है, उसे Open सीट से बाहर करना असंवैधानिक हैयह फैसला एक ऐसे मामले में आया जिसमें राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस दृष्टिकोण को खारिज कर दिया, जिसमें आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को Open Category से अलग कर दिया गया था।
फैसले के प्रमुख बिंदु (Key Points of the Judgment)
सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को कुछ मुख्य बिंदुओं में समझा जा सकता है:
Open Category कोई आरक्षण नहींयह किसी वर्ग के लिए सुरक्षित कोटा नहीं है, बल्कि सभी के लिए खुला मंच है।मेरिट सर्वोपरि होगीजो अभ्यर्थी सामान्य कट-ऑफ से अधिक अंक लाएगा, उसका चयन Open Category में होगा।
डबल नुकसान नहीं दिया जा सकताआरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को यह नहीं कहा जा सकता कि वह न Open में आए और न ही आरक्षित सीटों का पूरा लाभ ले पाए।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षाइस तरह का भेदभाव अनुच्छेद 14 (समानता) और अनुच्छेद 16 (समान अवसर) का उल्लंघन है।
पहले Open List, फिर आरक्षणचयन प्रक्रिया में पहले Open Category की मेरिट लिस्ट बनेगी, उसके बाद आरक्षित वर्गों की अलग-अलग सूचियाँ।
संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 की व्याख्या
अनुच्छेद 14 – समानता का अधिकार
यह अनुच्छेद कहता है कि:- राज्य किसी भी व्यक्ति के साथ मनमाना या भेदभावपूर्ण व्यवहार नहीं कर सकतासमान परिस्थितियों में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए
अनुच्छेद 16 – सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर
सरकारी नौकरियों में सभी नागरिकों को बराबरी का मौका मिलना चाहिएआरक्षण एक सहायक व्यवस्था है, लेकिन यह मेरिट को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकतासुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि कोई भर्ती एजेंसी Open Category की सीटों से योग्य आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को बाहर करती है, तो यह सीधे-सीधे इन दोनों अनुच्छेदों का उल्लंघन होगा।
सरकारी नौकरियों और शिक्षा पर प्रभाव
सरकारी नौकरियों में:-
भर्ती एजेंसियों को चयन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनानी होगीमेरिट के आधार पर चयन को प्राथमिकता देनी होगीOpen Category की सीटों को किसी विशेष वर्ग से जोड़कर नहीं देखा जा सकेगा
शैक्षणिक संस्थानों में:-
प्रवेश प्रक्रिया में भी यही सिद्धांत लागू होगायोग्य आरक्षित वर्ग के छात्र Open सीट पर प्रवेश पा सकेंगेमेरिट आधारित प्रतिस्पर्धा को बल मिलेगा
SC/ST/OBC/EWS अभ्यर्थियों पर प्रभाव
यह फैसला आरक्षित वर्गों के लिए भी महत्वपूर्ण है:
योग्य उम्मीदवारों को दोहरी प्रतिस्पर्धा का नुकसान नहीं होगावे अपनी मेरिट के दम पर Open सीट पा सकेंगेआरक्षित कोटे की सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए बचेंगी जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है
इस तरह यह निर्णय सामाजिक न्याय और योग्यता के बीच संतुलन स्थापित करता है।
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PANKAJ BABRA (Legal Name: PANKAJ KUMAR) is the Founder and Chief Editor of "RAJPATH Dastak" Foundation. He is an independent Digital News, Media Website and content writer focusing on social justice, constitutional values, public policy, and ground-level issues in India. Through "RAJPATH Dastak", he aims to amplify marginalized voices and present fact-based, people-centric content writing and journalism.